मसूड़ों पर फोड़ा, दाना, सूजन या मवाद निकलना एक सामान्य समस्या लग सकती है, लेकिन कई बार यह दाँत की जड़ में संक्रमण का संकेत होता है। बहुत से लोग इसे मामूली मसूड़ों की सूजन समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि अंदर ही अंदर दाँत की जड़, हड्डी और आसपास के ऊतक प्रभावित हो सकते हैं। अगर समय पर इलाज न किया जाए, तो यह संक्रमण बढ़कर दर्द, चेहरे की सूजन, मुँह खोलने में परेशानी और दाँत खोने तक की स्थिति पैदा कर सकता है। दाँत का फोड़ा आमतौर पर जीवाणु संक्रमण के कारण बनने वाली मवाद की थैली होता है।
मसूड़ों पर फोड़ा क्या होता है?
मसूड़ों पर फोड़ा एक छोटी सूजी हुई गांठ, दाने या उभार जैसा दिख सकता है। इसमें मवाद भरा हो सकता है और कभी-कभी इससे बदबूदार या कड़वा स्वाद वाला तरल निकलता है। यह फोड़ा दर्द के साथ भी हो सकता है और बिना ज्यादा दर्द के भी दिख सकता है।
कई बार मरीज को लगता है कि फोड़ा फूट गया और दर्द कम हो गया, इसलिए समस्या ठीक हो गई। लेकिन ऐसा जरूरी नहीं है। फोड़ा फूटने से मवाद बाहर निकल सकता है और दर्द कुछ समय के लिए कम हो सकता है, पर जड़ में मौजूद संक्रमण बना रह सकता है। मेयो क्लिनिक के अनुसार, दाँत का फोड़ा बिना उपचार के अपने-आप ठीक नहीं होता।
क्या मसूड़ों का फोड़ा दाँत की जड़ के संक्रमण का संकेत हो सकता है?
हाँ, मसूड़ों पर फोड़ा दाँत की जड़ के संक्रमण का संकेत हो सकता है। जब दाँत में गहरी सड़न, चोट, दरार या पुरानी खराब भराई के कारण जीवाणु दाँत की नस तक पहुँच जाते हैं, तो संक्रमण जड़ की नोक तक फैल सकता है। इस स्थिति में जड़ के आसपास मवाद बनता है, जो मसूड़े पर फोड़े के रूप में दिखाई दे सकता है।
दाँत की जड़ के आसपास बनने वाले फोड़े को जड़-संबंधी फोड़ा कहा जाता है। यह तब बनता है जब संक्रमण दाँत के अंदरूनी हिस्से से जड़ तक पहुँचता है।
मसूड़ों के फोड़े के मुख्य कारण
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दाँत में गहरी सड़न
अगर दाँत की सड़न समय पर साफ और भरी न जाए, तो वह धीरे-धीरे दाँत की नस तक पहुँच सकती है। नस संक्रमित होने के बाद दर्द, सूजन और फोड़ा बन सकता है।
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दाँत में चोट या दरार
कभी-कभी दाँत बाहर से ठीक दिखता है, लेकिन उसमें महीन दरार होती है। इस दरार से जीवाणु अंदर जाकर जड़ तक संक्रमण फैला सकते हैं।
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पुरानी खराब भराई
पुरानी या ढीली भराई के नीचे फिर से सड़न हो सकती है। यह सड़न अंदर बढ़कर दाँत की नस और जड़ को प्रभावित कर सकती है।
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मसूड़ों की बीमारी
मसूड़ों की बीमारी में दाँत और मसूड़े के बीच जगह बन जाती है, जहाँ भोजन के कण और जीवाणु जमा हो जाते हैं। इससे मसूड़ों में मवाद, सूजन और फोड़ा बन सकता है। मसूड़ों से जुड़ा फोड़ा और दाँत की जड़ से जुड़ा फोड़ा अलग स्थितियाँ हो सकती हैं।
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अधूरी या पुरानी दंत समस्या
कई बार पहले से किया गया इलाज, टूटा हुआ दाँत, अधूरी जड़ का इलाज या लंबे समय से बनी सूजन भी फोड़े का कारण बन सकती है।
मसूड़ों पर फोड़े के लक्षण
मसूड़ों पर फोड़ा होने पर निम्न लक्षण दिखाई दे सकते हैं:
- मसूड़े पर दाना या उभरी हुई गांठ
- दाँत में धड़कता हुआ दर्द
- चबाने पर दर्द
- मसूड़े से मवाद निकलना
- मुँह में कड़वा या बदबूदार स्वाद
- दाँत का हिलना
- मसूड़ों की लालिमा और सूजन
- गरम या ठंडा खाने पर संवेदनशीलता
- चेहरे या जबड़े में सूजन
- बुखार या कमजोरी
दंत फोड़े में तेज दाँत दर्द, मसूड़ों में दर्द, लालिमा, गरम-ठंडे पर संवेदनशीलता, बदबूदार स्वाद, चबाने में कठिनाई, चेहरे या जबड़े की सूजन और बुखार जैसे लक्षण हो सकते हैं।

कब समझें कि समस्या गंभीर है?
कुछ लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अगर चेहरे पर सूजन बढ़ रही है, बुखार है, मुँह खोलने में परेशानी है, निगलने में कठिनाई है या साँस लेने में दिक्कत हो रही है, तो तुरंत दंत चिकित्सक या अस्पताल से संपर्क करना चाहिए। यह संकेत हो सकता है कि संक्रमण आसपास के हिस्सों में फैल रहा है।
दाँत का फोड़ा इलाज के बिना आसपास की हड्डी और दूसरे दाँतों को भी प्रभावित कर सकता है।
मसूड़ों का फोड़ा और सामान्य मसूड़ों की सूजन में अंतर
सामान्य मसूड़ों की सूजन में मसूड़े लाल, मुलायम और ब्रश करते समय खून आने वाले हो सकते हैं। यह अक्सर सफाई की कमी, दाँतों पर मैल या मसूड़ों की बीमारी के कारण होती है।
लेकिन फोड़े में आमतौर पर एक विशेष जगह पर सूजन, उभार, मवाद, दर्द या दाँत के पास दाना जैसा निशान दिखाई देता है। अगर फोड़ा बार-बार उसी जगह पर बन रहा है, तो यह दाँत की जड़ के संक्रमण का मजबूत संकेत हो सकता है।
क्या दर्द न होना मतलब समस्या नहीं है?
नहीं। कई बार दाँत की नस पूरी तरह खराब हो चुकी होती है, इसलिए तेज दर्द नहीं होता। लेकिन जड़ के आसपास संक्रमण बना रहता है और मसूड़े पर फोड़ा आता-जाता रहता है। इसलिए केवल दर्द न होने के आधार पर समस्या को हल्का नहीं मानना चाहिए।
अगर मसूड़े पर बार-बार दाना बनता है, मवाद निकलता है या एक ही दाँत के पास सूजन रहती है, तो जांच जरूर करवानी चाहिए।
दंत चिकित्सक जांच कैसे करते हैं?
दंत चिकित्सक सबसे पहले दाँत और मसूड़े की जांच करते हैं। वे यह देखते हैं कि फोड़ा किस दाँत के पास है, दाँत में सड़न है या नहीं, दाँत हिल रहा है या नहीं और चबाने पर दर्द है या नहीं। जरूरत पड़ने पर एक्स-रे कराया जाता है, जिससे पता चलता है कि संक्रमण जड़ की नोक पर है या मसूड़ों की बीमारी के कारण है।
सही इलाज तय करने के लिए यह पहचानना जरूरी है कि फोड़ा दाँत की जड़ से जुड़ा है या मसूड़ों की बीमारी से।
इसका इलाज कैसे होता है?
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जड़ का इलाज
अगर संक्रमण दाँत की नस और जड़ तक पहुँच गया है, तो जड़ का इलाज किया जा सकता है। इसमें संक्रमित नस को हटाकर दाँत की जड़ों को साफ किया जाता है और अंदर से भर दिया जाता है। इससे संक्रमण का स्रोत हटाने में मदद मिलती है।
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मवाद निकालना
अगर फोड़ा ज्यादा बड़ा है, तो दंत चिकित्सक मवाद निकाल सकते हैं। इससे दबाव और दर्द कम हो सकता है, लेकिन केवल मवाद निकालना हमेशा स्थायी इलाज नहीं होता। असली कारण का इलाज करना जरूरी है।
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मसूड़ों की गहरी सफाई
अगर फोड़ा मसूड़ों की बीमारी के कारण है, तो दाँत और मसूड़े के बीच जमा मैल, कीटाणु और संक्रमित हिस्सा साफ किया जाता है। जरूरत के अनुसार आगे मसूड़ों का इलाज किया जा सकता है।
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दाँत निकालना
अगर दाँत बहुत ज्यादा टूट चुका है, जड़ कमजोर है या उसे बचाना संभव नहीं है, तो दंत चिकित्सक दाँत निकालने की सलाह दे सकते हैं।
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दवा
कुछ मामलों में दर्द और संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए दवा दी जा सकती है। लेकिन केवल दवा खाने से अक्सर समस्या पूरी तरह खत्म नहीं होती, क्योंकि संक्रमण का मुख्य स्रोत दाँत या मसूड़े में बना रह सकता है। अमेरिकन डेंटल एसोसिएशन की दंत दर्द और सूजन संबंधी सलाह में भी दंत उपचार को मुख्य आधार माना गया है, विशेषकर जब इलाज तुरंत उपलब्ध हो।
क्या घर पर इलाज किया जा सकता है?
घर पर कुछ उपाय अस्थायी आराम दे सकते हैं, लेकिन वे फोड़े का स्थायी इलाज नहीं हैं। हल्के गरम नमक पानी से कुल्ला करने से कुछ आराम मिल सकता है। दर्द अधिक हो तो दंत चिकित्सक की सलाह से दर्द की दवा ली जा सकती है। मेयो क्लिनिक के अनुसार, उपचार के दौरान गरम नमक पानी से कुल्ला और सामान्य दर्द निवारक दवाएँ अस्थायी आराम में मदद कर सकती हैं।
ध्यान रखें:
- फोड़े को खुद से न दबाएँ
- सुई या नुकीली चीज से फोड़ा न फोड़ें
- बिना सलाह के दवा न लें
- दर्द कम होने पर भी जांच टालें नहीं
- बार-बार मवाद निकलना गंभीर संकेत हो सकता है
इलाज में देरी करने से क्या हो सकता है?
इलाज में देरी करने से संक्रमण जड़ से हड्डी तक फैल सकता है। दाँत कमजोर हो सकता है, हिल सकता है या निकालना पड़ सकता है। कुछ मामलों में सूजन चेहरे, जबड़े या गर्दन तक फैल सकती है। संक्रमण बढ़ने पर बुखार, कमजोरी और मुँह खोलने में परेशानी भी हो सकती है।
इसलिए मसूड़ों के फोड़े को छोटा दाना समझकर अनदेखा नहीं करना चाहिए।
मसूड़ों पर फोड़ा बनने से बचाव कैसे करें?
दाँत और मसूड़ों की अच्छी सफाई से कई समस्याओं से बचा जा सकता है। दिन में दो बार ब्रश करें, जीभ की सफाई करें और खाने के बाद कुल्ला करें। दाँतों के बीच फंसे भोजन को साफ करने के लिए दंत धागे या दंत चिकित्सक द्वारा बताए गए साधन का उपयोग करें। मीठे पदार्थों और चिपचिपे भोजन का सेवन सीमित करें।
दाँत में छोटा छेद, दर्द, ठंडा-गरम लगना या मसूड़ों से खून आना दिखे तो तुरंत जांच करवाएँ। नियमित दंत जांच से सड़न और मसूड़ों की बीमारी को शुरुआती अवस्था में पकड़ा जा सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- क्या मसूड़ों पर फोड़ा हमेशा दाँत की जड़ का संक्रमण होता है?
नहीं, हर बार ऐसा जरूरी नहीं है। यह मसूड़ों की बीमारी, चोट, फंसे हुए भोजन या दाँत की जड़ के संक्रमण के कारण हो सकता है। सही कारण जांच और एक्स-रे के बाद पता चलता है।
- फोड़ा फूट जाए तो क्या समस्या ठीक हो जाती है?
नहीं। फोड़ा फूटने से दर्द कम हो सकता है, लेकिन संक्रमण अंदर रह सकता है। इसलिए दंत चिकित्सक से जांच जरूरी है।
- क्या केवल दवा से मसूड़ों का फोड़ा ठीक हो सकता है?
कई मामलों में केवल दवा से स्थायी इलाज नहीं होता। जब तक संक्रमण का स्रोत साफ नहीं किया जाता, फोड़ा वापस आ सकता है।
- क्या मसूड़ों का फोड़ा खतरनाक हो सकता है?
हाँ, अगर संक्रमण फैल जाए तो यह गंभीर हो सकता है। चेहरे की सूजन, बुखार, निगलने या साँस लेने में परेशानी हो तो तुरंत इलाज लेना चाहिए।
- क्या जड़ का इलाज कराने से दाँत बच सकता है?
अगर दाँत की संरचना बची हुई है और संक्रमण नियंत्रित किया जा सकता है, तो जड़ का इलाज दाँत को बचाने में मदद कर सकता है।
मसूड़ों पर फोड़ा या सूजन केवल सामान्य मसूड़ों की समस्या नहीं भी हो सकती। कई बार यह दाँत की जड़ में छिपे संक्रमण का संकेत होता है। अगर मसूड़े पर बार-बार दाना बन रहा है, मवाद निकल रहा है, दाँत में दर्द है या चबाने में परेशानी है, तो इसे नजरअंदाज न करें। समय पर जांच और सही इलाज से दाँत को बचाया जा सकता है और संक्रमण को बढ़ने से रोका जा सकता है।
परामर्श के लिए संपर्क करें
अगर आपके मसूड़ों पर फोड़ा, सूजन, मवाद, दाँत में दर्द या चबाने में परेशानी है, तो दंत चिकित्सक से जांच करवाएँ। सही समय पर इलाज आपके दाँत और मसूड़ों दोनों को सुरक्षित रखने में मदद करता है।